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Deepti Khanna

Others

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Deepti Khanna

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नहीं करदार में ढल जाए

नहीं करदार में ढल जाए

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सोच, विचार कर उसमें रच जा।

कुछ ऐसे रस भर, की उसमें बस जा।

ऐसा प्रतीत होये,

की जैसे तू उसी के लिए ही रची है।

एक रचना बन, उस में गुल खिला।


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