नारंगी
नारंगी
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अग्नि समान मां का क्रोध है,
करता जो पापियों का नाश है।
उज्ज्वल आभा भी उनके, मुख पर है,
एक दिव्य आलौकिक तेज है।
देता हमको जो, ज्ञान है,
मां की हम सब, संतान हैं।।
