STORYMIRROR

Shyam C Tudu

Others

3  

Shyam C Tudu

Others

नागाड़े की वह आवाज

नागाड़े की वह आवाज

1 min
297

नागाड़े की

आवाज

और

मांदर की

थाप पर

नृत्य करते

पुरूष एवं महिलाएं

आज भी

मुझे याद हैं।


बच्चे और बूढ़े भी

मस्त थे

अपने अपने नृत्य में।


बाहा पर्व

की वह बेला में

पुरूषों के

कान में

महिलाओं के

चुड़े में

साल के फूल

सुसोभित थे।


वह

अभूतपूर्व संगम

आज भी

मुझे याद है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन