मस्तियां मनमर्जियां
मस्तियां मनमर्जियां
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आज कुछ अतरंगी करते हैं
कुछ मस्तियां मनमर्जिया करते हैं
थोड़ा पानी को उछालते हैं
थोड़ा कीचड़ से खेलते हैं
मां से इमली टॉफी की जिद करतें हैं
चाट के ठेले पर खड़े होते हैं
बुढ़िया के बाल से मुंह को गंदा करते हैं
सब परेशानियों को भूल कर खिलखिला कर हँसते हैं
कुछ पागलपन करते हैं, किसी की चोटी खींच भागते हैं
आज थोड़ा बचपना करते हैं, कुछ शरारतें करते हैं
आज कुछ अलग करतें हैं थोड़ा बचपन को याद करते हैं।
