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Neeraj Dwivedi

Others

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Neeraj Dwivedi

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मकान बदल गया, घर अब भी वहीं है

मकान बदल गया, घर अब भी वहीं है

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छत पर लगा 

हमारी ब्लैक एंड व्हाइट

टीवी का यागी ऐंटीना, 

अब नदारद है..

उस पर अक्सर बैठी

रहने वाली वो गौरैया भी..

अब नज़र नहीं आती 


किराये का वो मकान

अब बिक चुका है,

पर उसमे जमा बचपन,

छत पर लगे ऐंटीने में ही

पतंग की तरह अब भी

उलझा हुआ है ।


हम बड़े हो चुके थे,

हमने मकान बदल लिया

दिल बचपन में ही था..

सो, घर नहीं बदल पाया !!



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