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Nurjahan Shaikh

Children Stories

4  

Nurjahan Shaikh

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मेरी ख्वाहिश

मेरी ख्वाहिश

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है आखिरी मेरी ख्वाहिश 

दुनिया में रहे अमन, 

खुशी आबादी से महके 

फूले फले हमारा चमन।


दुनिया से है हम सब 

हम सब से हैं ये दुनिया, 

रात दिन करें मेहनत 

पूरी करें सारी कमियां। 


आए वो दिन फिर से 

जहॉं खुशियों का हो राज, 

सबको मिले प्यारा जीवन 

दुःख दूर हो जाए सबके आज। 


चाहूं ऐसी खुशी मैं 

मरने से पहले मुझे मिले, 

उस दिन के लिए जीऊॅं मैं 

चाहे कितने भी हो सिलसिले।


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