STORYMIRROR

Nurjahan Shaikh

Others

3  

Nurjahan Shaikh

Others

जिंदगी की राह...

जिंदगी की राह...

1 min
183


काली रात मे रेल की पटरी पे,

चमक रही है चांद की रोशनी। 


किर्द झाड़ियों से गुंज रही है, 

अनजानी रात की खामोशी।


दूर तक रास्ता ले जा रहा है,

चांद की और गुमनाम सा बुला रहा है। 


ये वो जिंदगी का एहसास है,

जो बिना रुके चलता जा रहा है। 


मंजिल तो अभी बहुत दूर है, 

बस जिंदगी इस राह से गुजर रही है।



Rate this content
Log in