STORYMIRROR

shikha rani

Others

2  

shikha rani

Others

मेरी जिंदगी

मेरी जिंदगी

1 min
203

इस जिंदगी के सफर में,

अब ना चल सकूँगी,

मेरी ख़्वाहिश थी,

आसमां को छुने की,

अब ना उड़ सकूँगी,

ये जिंदगी में अब थक चुकी हूँ।


क्या, क्यो किस से कहूँ?

जो समझ न पाया मेरे अश्क

उस से मैं क्या कहूँ

ये जिंदगी में अब थक चुकी हूँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन