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V. Aaradhyaa

Children Stories

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V. Aaradhyaa

Children Stories

लालपरी जानीमानी

लालपरी जानीमानी

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आज जबसे आई है घर में प्यारी नानी ;

तबसे खुशी से नाच रही है गुड़ियारानी !


अब नानी सुनाएगी परियों की कहानी;

कभी नीलपरी तो लालपरी है जानीमानी!


पर जब गुड़िया की जिद पर शुरु हुई नानी;

उनकी कथा में अब वह बात नहीं थी पुरानी!


अब लालपरी खुश नहीं बल्कि उदास मिली;

गुड़िया को नानी की आंखे लगी कुछ गीली !


आख़िर पूछ बैठी, नानी क्यूं शक्ल है रोनी ;

ऐसा क्या हो गया लालपरी के साथ अनहोनी!


नानी बोली,अब परीलोक में भी सुरक्षित नहीं जिंदगानी;

परियां डरकर रहती, ये वहां भी यही घर घर की कहानी !


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