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क्यों आई मैं यहाँ ?

क्यों आई मैं यहाँ ?

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क्यों आई मैं यहाँ,सदा शोषण हुआ मेरा जहाँ,

पैदा हुई तो छा गया मातम

ससुराल वालों ने भी समझा मुझे पैसे कमाने का साधन,

नरक था मेरा ससुराल ,

जहाँ पैसों के पीछे होता था बवाल !


क्या करती मैं और ,

माँ- बाप के लिए थी पराई,

कौन करता मेरे दुखों पर ग़ौर ,

तो चुना मैंने वही रास्ता जहाँ से इस

बुरे सपने में आई थी मैं कभी,


मैं जानती हूँ आत्महत्या करना नहीं था सही

पर क्या करती मैं और,कौन करता मेरे दुखों पर ग़ौर


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