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Phool Singh

Children Stories Inspirational Children

4  

Phool Singh

Children Stories Inspirational Children

खुद का वादा खुद से

खुद का वादा खुद से

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उल्फ़त भी सबब बन गई, लिखेंगे तकदीर नई

वफ़ा-खफ़ा का मोल न होगा, रब की मर्जी जो, होगा वही।


बात बनाये या जले जमाना, न किसी की सुननी कभी

अच्छा-बुरा जो भी होगा, चिंता, फिक्र की बात नहीं।


घात संग कितने धोखे खायें, गलतियाँ कोई दोहरानी नहीं

खुद का वादा, खुद से वचन है, किसी से तुलना अपनी नहीं।


जागृत करना आत्म-विश्वास भी, मान मिले न चाहे कभी

खोये न मुस्कान अधर से, न भूली-बिसरी यादें कहीं।


निर्मल हृदय नई सोच है, सरल, साधारण जिंदगी नई

सादा भोजन उच्च विचार हो, दिल में कटुता रखनी नहीं।


रूठना-मनाना पीछे छूटा, दोगलापन कोई चलना नहीं

कड़वा हो, सच हो लेकिन, अब झूठ-फरेब की दाल गलनी नहीं।


स्थिति बने ना वाद-विवाद की, मित्र-शत्रु का भेद नहीं

उसकी करनी उसके साथ है, बुरी भावना अपनी नहीं।


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