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Rinkee sinha

Others

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Rinkee sinha

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' कैद में नारी '

' कैद में नारी '

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कैद यहां है हर नारी रूप

हर बात की है रोक यहां

कहने को स्वतंत्र हैं वो

भावनाएं भी है कैद यहां।


मायावी हथकड़ियों में

हर नारी है कैद यहां

अपनी परवाह नहीं

अपनी कोई चाह नहीं

जकड़ी हुई आदेशों में

इच्छाएं भी कैद यहां।


बचपन से ही कैद है

हर नारी का रूप यहां,

विचारों में, पाबंदियों में

सबकी अपेक्षाओं में भी

जकड़ी हुई हैं बंदिशों में

इच्छाएं भी कैद यहां।


कैद यहां है हर नारी रूप

हर बात की है रोक यहां

कहने को स्वतंत्र हैं वो

भावनाएं भी है कैद यहां।


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