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Jai Prakash Pandey

Others

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Jai Prakash Pandey

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जिंदगी

जिंदगी

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किसी ने कहा

जिंदगी है खेल

कोई पास

कोई फेल

पर उन्होंने

जिंदगी खपा दी

शब्दों को चुनने में

शब्दों को तराशने में


उन्हें गर्व हुआ

अपनी होशियारी पर

तभी नासमझ समय

अट्टहास करते बोला

मूर्ख तुमने

नष्ट की है जिंदगी

अपने स्मारक के

पत्थर जुटाने में



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