“जीवन की नैया”
“जीवन की नैया”
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जीवन जैसे बहती नदिया
सुख दुःख आती जाती नैया,
बीच भंवर में रुक नहीं सकती,
आगे आगे बहती रहती,
तूफां हो या आंधी आए,
हर मुश्किल से टकराते जाए,
कहीं शाम तो कहीं सवेरा,
जहां मिले तट वहीं बसेरा,
उपर तो है खुला आसमां,
नीचे बहती नदिया मैया,
जीवन तो है बहता पानी,
हर एक की एक अलग कहानी।
