जीवन गहराइयों का सागर है
जीवन गहराइयों का सागर है
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जिंदगी गहराइयों का सागर जैसा है,
जिसमें अनेक रहस्य छुपे हुए हैं।
जिस तरह पानी में बुलबुले उठते हैं,
उसी तरह मस्तिष्क में विचार भी आते हैं।
हम विचारों की दुनिया में खो जाते हैं,
और कल्पनाओं के ताने-बाने बुनने लगते हैं।
इन ताने-बानों से ही रचना मूर्त रूप लेती है,
उन्हें साकार करते हुए हम जिंदगी में देखते हैं।
जब तक विचारों का आगमन होता है,
हम कार्य में यथार्थ भाव लाते हैं।
खुशी से भरे विचार ही हमें कामयाब बनाते हैं,
रचनाओं को साकार करते हमें आगे बढ़ाते हैं।
