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Anil Kumar soni

Others

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Anil Kumar soni

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दिल सतरंगी

दिल सतरंगी

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दिल सतरंगी गिरगिट जैसे रंग बदलता है, आज किसी पर तो कल किसी और पर मरता है।।

ना कोई अंकुश ना कोई परवाह मनमानी करता है, किस पर यकीन करूं या ना करूं असमंजस है।।

मोहब्बत का खेल नहीं है यह जिस्म की हवस है, आज इसको तो कल किसी दूसरे को मचलता है।।

दिल फेंक लोगों से परेशान है जमाना इनकी हरकतों से ही तो देश बिगड़ता है।



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