जब जब बादल आता है
जब जब बादल आता है
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बादल की एक टोली
जो घूम रही थी नभ में,
गाँव के बच्चे झूम रहे थे
खुशी मनाई सबने,
फैलाये अपने पंख मोर ने
वर्षा की दस्तक दी भोर ने,
आज जब बरसेगा पानी
तब आयेगी बरखा रानी,
हम सब भींगने जायेंगे
खेत सींचने जायेंगे,
सोच रहे थे रामू काका
कुदाल भी लाये सामू दादा,
मीरा दीदी छत पर दौड़ी
उठा लाई वो सारे अदौड़ी,
सोनु की माँ भी ले कर आई
रखे थे बाहर जो उसने रजाई,
पेड़ से फसा पतंग का फंदा
आज रात नहीं दिखेगा चंदा,
पानी टप टप खूब बरसाया
गगन घटा घनघोर है छाया,
बादल चाचा तुम रोज आना
खुशियाँ ढ़ेरो संग अपने लाना।
