STORYMIRROR

Hardik Mahajan Hardik

Others

2  

Hardik Mahajan Hardik

Others

हर समय

हर समय

1 min
61

हर समय, हर पल,

हर दिन बस तेरी अब 

राह ताक रहा हूं कैसे

हर समय, हर पल,

हर दिन बस तेरी अब

मैं राह ताकता रहूं,

ख़ामोशियाँ अब तेरी

मैं अपने शब्दों से

उकेर के लिख दूँ,

हर समय, हर पल,

हर दिन तेरा ज़िक्र

अब खामियाँ "हार्दिक"

अपने शब्द से पूरी करूँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन