STORYMIRROR

Rachna Suneel

Others

3  

Rachna Suneel

Others

होली है

होली है

1 min
282

बेसाख़्ता बढ़ रही हो

पल पल दिल की धड़कन

करने लगे जब तन खुद नर्तन,

कह देना कि होली है...


दिन में गुमा हो रातों का,

रातों में निकला हो दिन 

हिलोरें खा रहा हो मन,

कह देना कि होली है...


इमारत इक पुरानी सी,

इश्क़ की गुज़री कहानी सी

वही सूरत लगने लगे नूतन,

कह देना कि होली है...


अगर महसूस हो तुम को,

कभी जब हाथ खोलो तो

हवाओं में ख़ुशबू घुले है रंग,

कह देना कि होली है ...


बुलायें पास जब तुम को,

धुनें मेरी मुहब्बत की

गा उठे ताल पे धड़कन,

कह देना कि होली है...

.होली है... !!

          


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन