STORYMIRROR

Dharmesh Solanki

Others

3  

Dharmesh Solanki

Others

देखते है

देखते है

1 min
215

उस नाम से जुड़ा कोई नाम देखते है

इक दिन बग़ैर उन के भी शाम देखते है


यूँ छोड़ के भी देखा है एक बार उस को

अब फिर से छोड़ उसका अंजाम देखते है


आराम से तेरे दिन बीते है बे-ख़ुदी में

अब आँख खोल ग़म-ए-अय्याम देखते है


मैं ने सुने बहुत है क़िस्से वफ़ा के सो अब

पाबंद-ए-वफ़ा का नीलाम देखते है


जलते शहर के जलते लोगों को देखने चल

या यूँ करे कि ख़ुद का आलाम देखते है



Rate this content
Log in