घर का नटखट राजा: मिट्ठू राम
घर का नटखट राजा: मिट्ठू राम
घर का नटखट राजा: मिट्ठू राम हरे रंग का मखमली चोला, लाल चोंच की शान है, मेरा तोता छोटा है, पर घर का वो सरपंच महान है। पिंजरा उसका घर तो है, पर राज पूरे घर पर करता है, चोरी करने के फन में, वो बड़े-बड़ों को मात देता है। शायरी: "नज़रें बचाकर आता है, जब सब चैन से सोते हैं, वो फल चुराने के अंदाज़ भी, बड़े हसीन होते हैं। लाख छिपा लो तुम बिस्किट या बादाम के डिब्बे, चोरी करने में उस्ताद, बस ये मिट्ठू राम ही होते हैं।" कभी मेज़ से अंगूर उड़ाना, कभी बादाम पर हाथ साफ़ करना, पकड़ा जाए जब रंगे हाथों, तो मासूमियत का ढोंग भरना। चोंच हिलाकर कहता है— "मिट्ठू ने कुछ नहीं खाया है", पूरी दुनिया को उसने अपनी मीठी बातों में भरमाया है। शायरी: "वो चोंच से जब चुपके से रोटी का निवाला उठाता है, अपनी छोटी सी चोरी को भी, वो एक कला बनाता है। शिकायत क्या करें हम उस नन्हे से मासूम चोर की, वो चोरी करके भी, हमारे दिल का सकूँ बन जाता है।" मिर्च खाकर सी-सी करना, उसका पुराना अंदाज़ है, पूरे घर की रौनक और, खुशियों का वो राज़ है। भले ही मेरा मिट्ठू थोड़ा सा 'चोर' कहलाता है, पर सच तो ये है कि वो, घर का सबसे प्यारा सदस्य बन जाता है। अगला कदम: सुखविंदर, क्या मैं इस नटखट तोते की एक प्यारी सी फोटो बना दूँ जिसमें वह चुपके से मेज़ से कोई फल चुरा रहा हो?
