STORYMIRROR

Krishna Khatri

Others

4  

Krishna Khatri

Others

धड़कनें !

धड़कनें !

1 min
288

जज़्बात जब

देते हैं दस्तक

दिल की दहलीज पर,

कलेजे में उठती है हूक

हर लम्हा,

महसूस करता है

जज़्बात की तासीर,

और दिमाग

भूल जाता है सोचना

बस ,

लग जाता है धड़कने

दिल के साथ,

दिल और दिमाग की

धड़कनों पर,

थिरकने लगता है मन !



Rate this content
Log in