दादी-नानी की कहानियाँ।
दादी-नानी की कहानियाँ।
आज के बच्चों को ना सुनने को मिली कहानियाँ,
वो हमने सुनी बचपन में दादी-नानी की कहानियाँ।
कभी राजा की तो कभी धार्मिक सुनी कहानियाँ,
कभी दादी जी तो कभी नानी जी से कहानियाँ।
बचपन में दादी-नानी जी सुनाती रोज़ कहानियाँ,
कभी राजा-रानी, कभी तोता-मैना की कहानियाँ।
कभी पंचतंत्र की रोज़ हमें सुनाती थी कहानियाँ,
कभी यारों परियों की हमें सुनाती थी कहानियाँ।
परियों की रानी जो बहुत ही नेकदिल होती सदा,
ख़ासकर मजबूर लोगों की सहायता करती सदा।
अनाथ बच्चों को परियों के देश में ले जाती रानी,
वहाँ पर बच्चों को खूब मौज-मस्ती कराती रानी।
वैसे हमें हर तरह की पसंद आती थी कहानियाँ,
परंतु परियों की हमें पसंद ज़्यादा थी कहानियाँ।
राजकुमार व परी रानी के विवाह की कहानियाँ,
वो कहानी याद कर दिल करता सुने कहानियाँ।
