चहकती चिड़ियाँ
चहकती चिड़ियाँ
1 min
245
कहने को सब हैं मेरे पास
पर कोई अपना नहीं
यूं तो पूरा दिन चहकती
रहती हूँ घर के आँगन में
पर रात के अंधेरों में
भीगी पलकें हो जाने पर
कोई आँसू पोंछ ने वाला नहीं
चहकती चिड़ियाँ ना जाने
कब से कैद अपने ही पिंजरे में है
कहने को सब हैं उसके पास
बस उड़ने के लिए खुला आसमान ही नहीं
