STORYMIRROR

Gaurav Shukla

Others

2  

Gaurav Shukla

Others

बसन्त की मोहब्बत

बसन्त की मोहब्बत

1 min
186

धुंध हट गयी,

बसन्त घावों को सिलने लगी,

देखो,

मोहब्बत के प्यासे...

फरवरी में मोहब्बत मिलने लगी,

हर रोज़,

बढ़ रही है तुमसे नजदीकियां,


लबों से निकली बात,

तेरे आँखों से कहने लगी,

दिल ख़ाली नहीं है अब,

किसी की अमानत दिलों में

रहने लगी,

दूर जाने की बात पर देखो,

आंखे मेरी बहने लगी,


बेवज़ह ही, तुम्हारे लिए,

साँसे आंहे भरने लगी

शायद,

सच ही तो है देखो,

बसन्त फरवरी से

बेवज़ह ही सही

मोहब्बत करने लगी।


Rate this content
Log in