STORYMIRROR

Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Others

4  

Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Others

बरसात का शुभारम्भ

बरसात का शुभारम्भ

1 min
146

जेठ की तपन अगन सुख गए ताल तलैया

झील झरने नदियाँ प्यासी धरती बेहाल।।

पेड़ पौधों मुरझाए हरियाली की खुशहाली कब आये निहारते आसमान।।

 बादल आये जीवन की आश जगाए उमड़ घुमड़ छाए वारिस लाए प्रकृति प्राणि मुस्कुराए।।

गांव किसान निहारे आकाश बदल बारिस का इंतज़ार खेती बारी की शुरुआत पल प्रहर की आस।।

जेठ की गर्मी से तपती धरती गर्मी से राहत दरकार इंद्र देवता की पुकार।।

आया महीना असाढ़ मानसून के साथ

गरजे बादल छाई बदरी बारिस की फुहार।।

गिरती बूंदे धरती पर छम छम

बरसात तपन अगन से छुटकारा प्रकृति का वरदान।।

सूखी धरती की बुझी प्यास हरियाली

खुशहाली का विश्वास मोर नाचे जीवन

यथार्थ मुस्कुराए।।

ताल तलाईया झरना झील नदियों

में जल प्रबाह ऋतु वर्षा की शुरुआत

असाढ़।।

गांव किसान में आशा का संचार 

लहलायेंगे खेत खलिहान का शुभ

सुभारम्भ असाढ़।।



Rate this content
Log in