★बासंती बहार★
★बासंती बहार★
बासंती बहार ये,हम सबको उपहार है,
ऋतुराज आते हैं,ये उनका उपकार है।
सकल सृष्टि में बसंत,भर देता प्राण है
मधुमास कहलाये ये,खुशियों का उफान है
रति कामदेव मिलन,सुखमय संसार है
ऋतुराज आते हैं,ये उनका उपकार है।
सज धज के धरा करने,स्वागत ले पूजा थाल
बिह्वल से भाव मगन,अतिशय खुशहाल
आगम ऋतुराज का,संदेश अबकी बार है
ऋतुराज आते हैं,ये उनका उपकार है।
लाते ऋतुराज हर्ष,कुशल क्षेम उत्कर्ष
सकल सृष्टि सुखमय,सुखमय हो भारतवर्ष
पतझड़ के बीत गये,धरती करे श्रृंगार है
ऋतुराज आते हैं,ये उनका उपकार है।
प्रमुदित चकोर पंक्षी,उपजा उनमें उन्माद है
मौसम मधुमास ये,सकल सृष्टि को प्रसाद है
हर्षित बावड़ियाँ और,उल्लास का संचार है
ऋतुराज आते हैं,ये उनका उपकार है।
