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वैष्णव चेतन "चिंगारी"

Others Children

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वैष्णव चेतन "चिंगारी"

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बाल्य-श्रम निषेद्ध दिवस

बाल्य-श्रम निषेद्ध दिवस

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इस बालपन को खोने मत दो,

मुस्काने इनकी खोने मत दो,

यही भारत का भविष्य है,

इनमें तो भगवान बसा है,

यही खिलता पुष्प है उपवन का,

यदि मुरझा गया खिलने से पहले तो, 

चलेगी सुगन्ध रहित हवाएं,

यहीं भारत का भविष्य है,

पढ़ने दो-लिखने दो इनको आगे बढ़ने दो,

हो सके इतना सहयोग तुम इनको कर दो,

आओ आज हम मिलकर सब करें,

बाल्य-श्रम निषेद्ध दिवस पर यहीं प्रतिज्ञा,

कोई बाल-श्रमिक ना बनें,

इनका हम हो सके उतना सहयोगी बनें,

स्नेह दे-प्यार दे इनको बढ़ने में सहयोगी बनें !!


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