STORYMIRROR

डाॅ. बिपिन पाण्डेय

Others

3  

डाॅ. बिपिन पाण्डेय

Others

अपना देश महान

अपना देश महान

1 min
260

जिस मिट्टी में जन्म की ,चाह करें भगवान।

करे लेखनी किस तरह, उस भारत का गान।


जिस पर वीर सपूत नित,होते हैं कुर्बान।

ऐसे भारत देश का,करें सभी गुणगान।


रखवाली दिन में करे,जिसकी नित्य दिनेश।

दूर फलक से रात में, तके उसे राकेश।


अपनी भारत भूमि पर,है नदियों का जाल।

सिंचित जिनसे देश हो,बनता मालामाल।


खान-पान बोली अलग, हैं जितने भी राज्य।

फिर भी भारत देश का, वे हिस्सा अविभाज्य।



Rate this content
Log in