अमलतास के पीले फूल
अमलतास के पीले फूल
1 min
398
अमलतास के पीले फूल
होड़ लेते नव अरूण से
कौन कितना हो सुनहरा
खुशी की आभा बिखेरे
रास्ते करते हैं रौशन
हो विटप या हो धरा
भार तज निज किसलयों का
पुष्प का श्रृंगार करके
ग्रीष्म भूपति बन खड़ा
छाँव में इक साँस ले लूँ
स्वर्ण लड़ियों को निहारूं
देखूँ जी भर के जरा
