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आया हूँ बाबा

आया हूँ बाबा

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आया हूँ बाबा शरण तुम्हारे

गिरा पड़ा हूँ चरण तुम्हारे

आया हूँ बाबा शरण तुम्हारे


तेरे बिना ना रहेंगे बाबा

अकेले रहेंगे ना संसार में

कोई नहीं है मेरा बाबा

सुध बुध खोया मैंने

ठोकर खाया हर बार मैं

तेरे बिना दिन हम कैसे गुजारे

आया हूँ बाबा शरण तुम्हारे


कहते है लोग तुझ को

तू है बड़ा दानी औघड़

दानी भोला तुम हो

ठहरा मैं अज्ञानी

रोई रोई भारती

बाबा तुझ को पूकारे

आया हूँ बाबा शरण तुम्हारे


कृपा करोगे ना तुम तो

भला अब कौन करेगा

सब ओर भटका हूँ अब तो

ठिकाना कौन मुझ को देगा

नइया मेरी लगा दो अब तो किनारे

आया हूँ बाबा शरण तुम्हारे



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