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Nishigandha Kakade

Others

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Nishigandha Kakade

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आहट..!

आहट..!

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खुशबु बनकर बिखर जा जरा,

इन सांसो को महका जरा,

हम तो यूँ ही गुजरेंगे वहां से रहगुजर बन के,

बस तू इस दिल की आहट को पहचान जरा!



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