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“मै हूँ न. तुम अपने आपको अकेला क्यों समझते हो..! “मै हूँ न. तुम अपने आपको अकेला क्यों समझते हो..!
उन्होंने असंभव को भी संभव कर दिया. उनके जीवन की यही कहानी हमें inspired करती है। उन्होंने असंभव को भी संभव कर दिया. उनके जीवन की यही कहानी हमें inspired करती है।
मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ सकती क्योंकि मुझे पता है सभी बच्चे तुम्हें चिढ़ाते है मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ सकती क्योंकि मुझे पता है सभी बच्चे तुम्हें चिढ़ाते है
तुम दिन हारे हो जिंदगी नहीं इसलिए चलो उठो और अपना रास्ता खूद ढ़ूँढो। तुम दिन हारे हो जिंदगी नहीं इसलिए चलो उठो और अपना रास्ता खूद ढ़ूँढो।
महात्मा गांधी अकेले ही देश के लिए नहीं लडे होते तो क्या हम आज आजाद होते! महात्मा गांधी अकेले ही देश के लिए नहीं लडे होते तो क्या हम आज आजाद होते!
हमें अपनी सोच बदलनी चाहिए तभी तो हम बडा कर पाएंगे। ” दादाजी सारांश की ओर मुस्कुराते है हमें अपनी सोच बदलनी चाहिए तभी तो हम बडा कर पाएंगे। ” दादाजी सारांश की ओर मुस्कुर...