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एक चाय ,एक तुम और वो बारिश.... सब कुछ कितना अजीब सा है ना सबकुछ तो आज भी है उसी जगह पर, एक चाय ,एक तुम और वो बारिश.... सब कुछ कितना अजीब सा है ना सबकुछ तो आज भी है ...
धूल ही जमीं रहने दी तेरी यादों की रझाई पर धूल ही जमीं रहने दी तेरी यादों की रझाई पर
हर बार मेरे स्वाभिमान को अहंकार का नाम देकर ठुकराया हैं मेरे आँसुओं को.. हर बार मेरे स्वाभिमान को अहंकार का नाम देकर ठुकराया हैं मेरे आँसुओं को..
शायद उसे ही बेचकर शायर बना करते हैं लोग... शायद उसे ही बेचकर शायर बना करते हैं लोग...
तुमसे क्या उम्मीद करूँ मैं, तुम ना तो वो कांधा हो, और ना ही वो सीना...... तुमसे क्या उम्मीद करूँ मैं, तुम ना तो वो कांधा हो, और ना ही वो सीना......
मुहब्बत को करना और समझना इतना आसान नहीं हैं मुहब्बत को करना और समझना इतना आसान नहीं हैं
सुलझा सुलझा सा जो रहता था कभी अब असमंजस सा हो जाता है प्रेम... सुलझा सुलझा सा जो रहता था कभी अब असमंजस सा हो जाता है प्रेम...
तोड़कर बोलने की बस आदत मार देती थी तुम्हारी छोड़ गए ना.. छोड़ जाना ही था तुम्हें तोड़कर बोलने की बस आदत मार देती थी तुम्हारी छोड़ गए ना.. छोड़ जाना ही था तुम्...
एक बार भी उन्हें मैं पहन ना सकी सारे ही तो तुमने अपने हाथों से ही गंगा माँ में समा दिया एक बार भी उन्हें मैं पहन ना सकी सारे ही तो तुमने अपने हाथों से ही गंगा माँ म...
कैसे समझाऊँ तुझे... कैसे समझाऊँ तुझे...