Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
ख्वाब
ख्वाब
★★★★★

© Ruhani Bhatnagar(Ruchitrayan)

1 Minutes   1.5K    8


Content Ranking
#455 in Poem (Hindi)

एक ख्वाब अधूरा तुम बिन है

तुम ख्वाब में आते हर दिन हो

हर दिन अधूरा तुम बिन है

हर रात ऑखों में तुम ही हो

कैसे कह दूँ तुम बिन जीना मुमकिन है

तुझे न देखूंं जिस पल

उस पल हर सांस मेरी थम - सी जाती है।

Love Dreams Life

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..