Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
हो रहा है विनाश धीरे धीरे
हो रहा है विनाश धीरे धीरे
★★★★★

© Jagdish Pandey

Others

1 Minutes   20.2K    5


Content Ranking

हो रहा है कैसा आज असर धीरे धीरे
इंसानियत उगल रहा जहर धीरे धीरे

विवश हो प्रकृत भी प्रलय की आड में
ढा रहा है वो भी अब कहर धीरे धीरे

चंद ख्वाबों से सजाते जिंदगी को लोग
पल में ढह जाते हैं उनके घर धीरे धीरे

सजल हो रही आँखें अपनों के गम में
खत्म हुवे कितनों के सफर धीरे धीरे

वक्त ही लगायेगा अब मरहम जख्मों पर
भर जायेगा घाव ये मगर धीरे धीरे

आसमाँ छूनें की चाहत रखना सदा मन में
निकलेंगे ' दीश ' एक दिन पर धीरे धीरे
.
जगदीश पांडेय " दीश "
.

 

कहर जहर

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..