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"राजनीति आज की "
"राजनीति आज की "
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© Raman Sharma

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ये है राजनीति,हर देश की रीति ,
जो फँस गया, समझो निगल गई ।
होते हैं जो अच्छे नेता ,
बना के रख देती है बुरा ।
आते हैं कई होनहार ,
बना देती है बेजान मूर्ति ।
अच्छे भी, महान भी ,
सीखा  देती  हैं धोखाधड़ी ।
होते हैं खड़े चुनावों मेँ ,
मुझे दो वोट, मुझे दो वोट ,
हम ये  करेंगे, हम वो करेंगे ,
मिल जाती है कुर्सी जब ,
जिन्होंने  वोट डाला ,
जिन्होंने कुर्सी पर बिठाया ,
भूल जाते हैं सब ।
खा खा कर जनता का  पैसा ,
कर लेते हैं ख़ुद को मालामाल ,
गर फँसते हैं  घोटाले में ,
छूट जाते हैं झूठ कहकर ,
निकल जाते हैं बहाने बनाकर, 

जब नेता लोग ही हो ऐसा,

होगा देश का हाल कैसा !

 कर लो यहाँ जितनी भी करनी  मनमानी ,
लेकिन उसकी भी है एक अदालत ,
जहाँ सुना जाता है सिर्फ़ सत्य ,
और काटनी पड़ती है पूरी सज़ा  ।

 

raman sharma

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