मुसाफिर हूं
मुसाफिर हूं
मिला एक अजनबी अजनबी से यही दुनिया के कोने से
कौन मिला किससे वो ना बताया कोई अपनों से
बात हुए, तकरार हुई, इकरार हुआ, मिलने से
कर बैठे वादा साथ रहने का अपनी हसीं बातों से
लड़का है बड़ा जिद्दी, करता हर काम अपनी मर्जी से
बन गई लड़की उससे उलटी उसके साथ रहने से
२-३ साल का प्यार है भाई इश्क हुआ है आंखों से
नजर ना मिलाना कोई इस सुंदर अप्सरा से
वरना सख्त से सख्त कार्रवाई होगी आप से
क्योंकि भाई हमारे है कुछ ज्यादा ही डरपोक से
होता है डर इस कन्या को खोने का तुम जैसों से
करता है प्यार इस नायाब हीरे को पूरी शिद्दत से
गुजरा है हमारा रास्ता उनके ही प्यार के शहर से
देखते हैं कितने दिन बाकी है हमारे इस जगह से
मुसाफिर हूं में आज इस प्यार भरे शहर से
रुकना है यहां बिताना है हसीन पल इस जोड़े से
देखना है कितना बड़ा शहर है महसूस करना है दिल से
मुसाफिर हूं में आज इस प्यार भरे शहर से....
