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न्याय संजीवन वीर वैराग्य सुहाने तल्लीन पंचाक्षरी भोले शंकरा मुखात फडशा भ्रष्टचार जना जय वंदे आशिर्वाद निनादे निरंतर दयाघना ओवाळिते योगी

Marathi सकल Poems