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शेती पैसा विश्व ममत्व मस्ती वस्ती कविता चिंता माफ भिस्त अंतरपाट.. माणुसकी धास्ती कात्री पाप उद्ध्वस्त मस्तवाल धीर निर्मळ लत

Marathi पत Poems