आज भाई कई हजार रुपए देता है पर वो दो रुपये का मूल्य मेरे जीवन में अधिक था। आज भाई कई हजार रुपए देता है पर वो दो रुपये का मूल्य मेरे जीवन में अधिक था।
यही प्यार माँ-बाप के जाने के बाद भी मायके की यादों को तरोताजा रखता है। यही प्यार माँ-बाप के जाने के बाद भी मायके की यादों को तरोताजा रखता है।
“हुआ क्या मधु जी? देखो मैं तो शेविंग भी कर रहा हूँ।” मैने सकपकाते हुए पूछा। गुस्से में हो बीबी तब आद... “हुआ क्या मधु जी? देखो मैं तो शेविंग भी कर रहा हूँ।” मैने सकपकाते हुए पूछा। गुस्...
मेरी कहानी है, नैनसुख और उनकी प्रियतमा की। मेरी कहानी है, नैनसुख और उनकी प्रियतमा की।