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नोट : कन्टेन्ट क्रमांक चुने हुए जोनर के तहत फिल्टर में प्रदर्शित होंगे : comedy

तभी उसे एक जानी-पहचानी आवाज सुनाई दी। यह तो डोरेमोन की आवाज है। वह आँख भींच कर जोर read more

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फ्योदोर फ्योदोरोविच कल्पाकोव पानी के नीचे गया और डाइवर्स ऊपर से टेलिफोन पर उससे read more

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बचपन के वो खास read more

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आंटी ने गायत्री के कान पकड़े और कहा, “हां हां मैं तेरे कान अभी भी पकड़ सकती हूं। read more

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तस्वीर
© Akanksha Gupta

Children Stories Comedy

मुझे तो बस साबुत बिस्किट read more

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हम अपनी धुन में खोए थे कि, सूरजमुखी ने हमें झकझोरा …. अरे कला, कहां खोई है, जा तुझे read more

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लेखक : निकोलाय गोगल अनुवाद : आ. चारुमति read more

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क्या क्या हुआ जब अम्मा गिरी खड्डे मैं....पर अम्मा गिरी थी या उनको धकेला गया था..या read more

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"आ भैंस मुझे मार" कर दिया था ओर दोनों जोर जोर से हँसने read more

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यह कहानी मेरे छात्र जीवन में घटित एक सत्य घटना पर आधारित संस्मरण है। यह कहानी मेरी read more

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हम जीरो फिगर वो हीरो फिगर, हमारी आवाज़ बेदम उनकी एटम बम। रोकते तो read more

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क्या सच में उसका रविवार कभी नहीं आएगा। क्या कोई दिन ऐसा नहीं होगा जो उसकी भी छुट्टी read more

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शॉपिंग न करा पाने के कारण हुक्का - पानी बंद हो गया और मैं घर आकर गहरी नींद सो read more

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ये ब्लॉग बस एक कोशिश है आपके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान लाने की, वरना हम औरतें read more

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बीसवीं सदी की हिरोइन साठ के दशक के हीरो से टकराई थी। अब कर भी क्या सकते थे शादी तो read more

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मैं सोच में पड़ गई कि वे पहले सच बोल रहे थे, या read more

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रूचि ने अपनी नई कामवाली पर तरस खाकर उसे खाना-कपडा दिया, पर उसने तो काम को ही परे कर read more

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एक उबाऊ पडोसी को भागने की हास्यास्पद read more

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भगवान ! फेसबुक ने जैसे उनके घर बसाए, वैसे सबके read more

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जब से चुनावों की घोषणा हुई है वे बेचारे बड़े परेशान हैं, 'बेचारे' इसलिए क्योंकि बीस read more

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असंख्य चिराग एकसाथ जल उठे read more

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मंशा कम कीमत देना नहीं है, बल्कि वाजिब कीमत चुकाकर, लुटने से बचना है भगवान बनियों से read more

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कम से कम वेलेंटाइन डे के बहाने तो टाइम निकाल लेते। मैं जानती की, प्रमोशन के बाद read more

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परीक्षा के दिन, डीन ने छात्रों को अलग-अलग कक्षाओं में बैठने के लिए कहा, जिस पर read more

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आठ महीने बीत गए थे कुछ हो नहीं रहा था नौवें महीने की शुरुआत हो चुकी थी पेट में read more

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रिश्तों के ताने-बाने में हास्य बुनती यह अनोखी read more

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लेखक : निकोलाय गोगल अनुवाद : आ. चारुमति read more

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आपकी नजर में कोई लड़का है हमारी भोली निम्मो के लिए हो तो जरूर read more

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एम. आर. प्रैक्टिशनर का नाम तो आपने सुना ही होगा... लेकिन इनके भी तरह तरह के किस्से read more

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सबकी अपनी-अपनी ठंड है और ठंड दूर करने के लिए सबकी अलग अपने तरीके की रजाई होती है। read more

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