यही था सूरज का सरला के प्रति निश्चल मातृ प्रेम.. यही था सूरज का सरला के प्रति निश्चल मातृ प्रेम..
अमन की पलकें नम थीं और अब वही नमी आहिस्ता से निकिता की आँखों में सरक आई! अमन की पलकें नम थीं और अब वही नमी आहिस्ता से निकिता की आँखों में सरक आई!
इस बात का विश्वास करना मेरे लिए कठिन हो रहा था इस बात का विश्वास करना मेरे लिए कठिन हो रहा था
इस बात का मुझे विश्वास करना मेरे लिए बेहद कठिन हो रहा था। इस बात का मुझे विश्वास करना मेरे लिए बेहद कठिन हो रहा था।