अब भी तन्हाई में ही थी....ये दिखावा उन्हें मरकर भी चैन नही दे रहा था। अब भी तन्हाई में ही थी....ये दिखावा उन्हें मरकर भी चैन नही दे रहा था।
चार तारीख को तबियत ज्यादा बिगड़ने पर फिर से वेन्टीलेटर पर रखा गया। चार तारीख को तबियत ज्यादा बिगड़ने पर फिर से वेन्टीलेटर पर रखा गया।
"बनाओ मत, जानता नहीं क्या तुम्हे ? तुम मिठास लिखना ही नहीं चाहतीं।" "बनाओ मत, जानता नहीं क्या तुम्हे ? तुम मिठास लिखना ही नहीं चाहतीं।"