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Hritik Swain

Children Stories Fantasy Children

4  

Hritik Swain

Children Stories Fantasy Children

nili pankho wali sapna

nili pankho wali sapna

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4

एक छोटे से गाँव में, जहाँ चारों ओर हरे-भरे खेत फैले थे, एक छोटी सी लड़की रहती थी जिसका नाम था प्रिया। प्रिया को आसमान में उड़ते पंछी देखना बहुत पसंद था। वह घंटों उन्हें निहारती और सोचती, "काश मेरे भी पंख होते और मैं भी दूर आसमान में उड़ पाती।"
​एक दिन, जब प्रिया गाँव के बाहर खेल रही थी, उसे एक घायल चिड़िया मिली। उसके पंख नीले थे और वह दर्द में थी। प्रिया ने उसे उठाया, अपने घर ले आई और उसकी देखभाल करने लगी। उसने चिड़िया के घावों पर दवाई लगाई और उसे दाना-पानी दिया। धीरे-धीरे, चिड़िया ठीक होने लगी। उसके नीले पंख फिर से चमकने लगे।
​कुछ दिनों बाद, चिड़िया पूरी तरह से स्वस्थ हो गई। एक सुबह, प्रिया उसे आकाश में छोड़ने के लिए बाहर ले गई। जैसे ही चिड़िया ने उड़ान भरी, वह एक पल के लिए प्रिया के पास रुकी, अपनी छोटी सी चोंच से उसके गाल को छुआ, और फिर तेजी से ऊपर उड़ गई। प्रिया ने देखा कि चिड़िया जैसे-जैसे ऊपर जा रही थी, उसके पंखों से नीले रंग की हल्की चमक निकल रही थी।
​उस रात, प्रिया ने एक अद्भुत सपना देखा। उसने देखा कि उसके खुद के नीले पंख उग आए हैं और वह उन्हीं नीले पंखों के सहारे पूरे गाँव के ऊपर उड़ रही है। खेतों, पेड़ों और घरों को छोटे-छोटे देख वह बहुत खुश हुई। जब वह सुबह उठी, तो उसने महसूस किया कि भले ही उसके पास असली पंख न हों, लेकिन उसके मन में एक नया हौसला और विश्वास भर गया था।
​प्रिया समझ गई थी कि असली उड़ान पंखों से नहीं, बल्कि सपनों और हिम्मत से भरी होती है। उसने फैसला किया कि वह खूब पढ़ाई करेगी और बड़ी होकर एक ऐसी वैज्ञानिक बनेगी जो उड़ने वाली मशीनें बनाएगी, ताकि सब अपने सपनों की उड़ान भर सकें। उस नीली पंखों वाली चिड़िया ने प्रिया को सिर्फ ठीक नहीं किया था, बल्कि उसे अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा भी दी थी।


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