STORYMIRROR

भावना बर्थवाल

Others

2  

भावना बर्थवाल

Others

लड़कियों का राजकुमार

लड़कियों का राजकुमार

1 min
198

लड़कियों का राजकुमार सुनने में जितना अच्छा लगता है उतना हास्यास्पद भी लगता है।क्योंकि राजकुुुमार कि कोई परिभाषा को परिभाषित नहीं किया जा सकता। 

सही मायने में लड़कियों के लिए  राजकुमार कभी नहीं आता वो तो परियों की कहानियों में होता है बस हम कोई परियों के देश में थोड़े रहते हैं। क्यों लगता है कोई काश बिना कहे हमारी बात सुुुने

येे वो शहर है जहां कहने के बाद भी कोई नहीं सुुनता है।

बस यों ही राजकुमार की कहानियां याद करके  हमें अब खुद ही हंसी आती है


राजकुमार हा हा हा

ना कोई राजा ना रानी ,हम उस देेेेश में रहते हैं जहां हर

रिश्तेे मे कुछ धुुंधला पन आ गया है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन