कुमारी छाया (आठ साल ) की कलम से
कुमारी छाया (आठ साल ) की कलम से
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एक समय की बात है। एक लड़का था, उसका नाम मोहन था। मोहन पढ़ाई नहीं करना चाहता था। इसलिए वह स्कूल नहीं जाना चाहता था। वह स्कूल जाने लगा पर टीचर की बात नहीं सुनता था। जैसे ही टीचर पढ़ना शुरू करते वह पेट दर्द का बहाना बना लेता और घंटी बजते ही फिर से बात करने लगता। धीरे-धीरे वह बड़ा होने लगा।
