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chandraprabha kumar

Children Stories Inspirational

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chandraprabha kumar

Children Stories Inspirational

घमंडी का सिर नीचा

घमंडी का सिर नीचा

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   एक आदमी बहुत विद्वान था। वह आठ भाषाओं का जानकार था। उसने सब भाषायें सीखने में बहुत मेहनत की थी। बरसों अध्ययन किया था। किसी भी शब्द को आठों भाषाओं में बोलकर बता सकता था। जो भी उससे बात करता उसकी विद्वता से प्रभावित हो जाता। वह आठ भाषाओं में घोड़ा शब्द को बता सकता था। 

 एक बार उसने घोड़ा ख़रीदने की सोची। घोड़े पर बैठकर आने- जाने में आसानी हो जाती। दौड़ना भागना नहीं पड़ता ।आराम से आना-जाना हो जाता।घोड़ा ख़रीदने के लिये वह बाज़ार पहुँचा। बाज़ार बहुत बड़ा था। तरह तरह का सामान बिक रहा था दूर दूर से लोग अपना सामान बेचने आये थे।

   बाज़ार में घूम फिरकर वह घोड़ा ख़रीदने गया व्यक्ति गधा ख़रीद लाया। उसका आठों भाषाओं का ज्ञान कुछ काम न आया। आठों भाषाओं में घोड़े को क्या कहते हैं ,यह जानकारी उसके कुछ काम न आई। शाब्दिक ज्ञान के  साथ यथार्थ ज्ञान की भी आवश्यकता है। केवल तोता रटन्त से कुछ नहीं होता। 


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