अनमोल खजाना
अनमोल खजाना
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सड़क किनारे सोये बुथिया और उसकी पत्नी की नींद बेतरतीब से चलती एक कार की आवाज से खुल गयी। दो परछाइयों को कार से उतरकर कचरे के ढेर में कुछ फेंकते देखा। अह्न भर बाद ज्यों परछाइयाँ तिमिर में खो गयी, अवंश बुथिया और उसकी पत्नी ने सब कुछ पा लिया।
