अनमोल खजाना
अनमोल खजाना
1 min
223
सड़क किनारे सोये बुथिया और उसकी पत्नी की नींद बेतरतीब से चलती एक कार की आवाज से खुल गयी। दो परछाइयों को कार से उतरकर कचरे के ढेर में कुछ फेंकते देखा। अह्न भर बाद ज्यों परछाइयाँ तिमिर में खो गयी, अवंश बुथिया और उसकी पत्नी ने सब कुछ पा लिया।
