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नोट : कन्टेन्ट क्रमांक चुने हुए जोनर के तहत फिल्टर में प्रदर्शित होंगे : abstract

बेक्टो ने पहली बार ऐसा मांसपूंज देखा था| वह बंद मुट्ठी जैसा था| पूरा लाल-लाल| जैसे read more

3     479    39    552

निश्चित रूप से व्यक्ति का स्वभाव ही वह अमूल्य निधि है, जो उसे कठिनतम एवं विपरीत read more

6     440    35    556

उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि आज वो जीता है या हारा। उसने अपने दोस्त की मौत का बदला read more

6     14.6K    34    671

आप दोनों आज भी बहुत सारे व्यक्तियों में जीवित हैं, लेकिन उनमें कृष्ण मर read more

2     84    1    708

सुनकर औरत के चेहरे पर अजीब भय से पीलापन छा गया। आंखों की पुतलियों के आगे सुबह के read more

32     15.0K    41    747

यहां इस व्यक्ति पर भगवान के अवतार होने का आरोप है। उसे तो लोग ईश्वर ही मानते read more

11     14.3K    24    753

"दादी सारी लडकियां आजकल पढ़ लिख कर पहले कुछ काम करती हैं", इस दंभ की हवा निकल रही थी. read more

3     14.5K    21    756

संतुष्ट काव्या, अम्मा और भाभी के बीच पिघलती बर्फ को साफ साफ महसूस कर रही read more

2     393    11    784

वफ़ाई कुछ भी निष्कर्ष पर नहीं आ सकी, अधिक दुविधा में पड़ read more

9     111    5    793

रिश्तों में शिकायत भी जरूरी नमक बराबर ही सही ,अपनापन बना read more

3     131    1    803

छहों दोस्त एक स्वर में बोले- भारत माता की read more

3     373    28    815

गरीबी उसपर जीवनसाथी की बिमारी ,बुढ़ापे में टूटे चप्पल पहने बाबा टूटी ज़िन्दगी को घसीट read more

3     366    49    830

जंगल
© Brajesh Singh

Abstract Fantasy +1

यह कहानी महिलाओं के साथ हो रहे यौन हिंसा, अन्य अपराधों और समाज में महिलाओं की स्थिति read more

2     14.4K    16    848

भोलू मेरा पाप माफ़ करने योग्य नहीं है। अगर हो सके तो माफ़ कर देना, वो काली थैली read more

5     303    0    907

या फिर काश, वो समय के पहिए को उल्टा घुमा पातीं और आज अपने इस राजमहल में अकेली न बैठी read more

2     396    0    908

सरजू को कुछ समझ नहीं आया कि कल रात मायके जाने के लिए मुझसे कह रही थी। अचानक से इसे read more

6     191    0    908

- कदम पर जहरीले सांप बैठे मिलेंगे। इसलिए जवान अंधियारा घिरने से पहले ही वहां पहुंच read more

7     364    0    908

घर से ऑफ़िस और ऑफ़िस से घर। जेब में पैसों की कमी नहीं है। अब अपनी खुशी से नहीं read more

2     305    13    928

ये है भग्गू का डीलक्स रूम। सीढ़ी के नीचे बरसाती डाल कर बनाए गए इस मेक-शिफ्ट रूम को इस read more

33     22.0K    18    958

……फिर सब शांत हो गया। माँ अकंप बैठी रहीं। हमारे भीतर सालों पुराना डर फिर से सिर read more

17     15.0K    23    962

‘’झनर-झनर बाजे बजनवा रुनु झुनू बाबू खेले read more

3     13.8K    23    964

ताल-तलैया तो बीते जमाने में कभी उसकी सखियाँ हुआ करती थीं। अब तो सलिल उससे बहुत दूर read more

2     47    0    1018

यकीन मानिये की लगन से दुनिया मिलती है।हाउसवाइफ एक जिम्मेदारी का काम है, लेकिन फिर भी read more

8     288    11    1048

बाबा की मजबूरी और तुम्हारी थकान, फिर से भीतर एक ताकत फूंक देती है ।और सब कुछ हल्का read more

4     478    7    1053

जब कालिदास शाम में आया तो दिन की घटना सुनकर थोड़े देर के लिए विचलित हो गया फिर बेटी read more

4     454    36    1071

अतः यह सिलसिला चलता ही रहेगा,इसलिए मैं यह बुराई को हमेशा के लिए मिटाने हेतु ही यह read more

1     391    51    1076

उसने एक दर्दनिवारक टेबलेट गटका और घर में छूट रहें खिलखिलाहटों और खुशियों के फौवारों read more

4     13.4K    27    1097

कभी इंतज़ार करना नहीं छोड़ते read more

2     352    1    1174

धरती ने सौर वायु से चैन की साँस लेते हुए मानवों का शुक्र अदा read more

2     259    1    1175

स्वामी जी को उसके जाने तक कुछ कहने के लिए शब्द नहीं मिल रहे read more

2     309    1    1175